चंद्र (Moon)

नवग्रह गाइड

चंद्र

Moon

नवग्रह मंडल की रानी, मन के कारक (मनोबल), माता, भावनाएं, स्मृति और शरीर के जलीय तत्व के स्वामी

वायव्य दिशा (North-West) प्राकृतिक मोती (मुक्ता / पर्ल) जप 11000

स्वरूप और तत्व

स्वरूप

वैश्य (पोषणकर्ता/व्यापारी), सात्विक, कफ-वात (जल तत्व), सौम्य शुभ ग्रह (शुक्ल पक्ष में बली)

उत्सर्जित ऊर्जा

ऊर्जा

शीतल चंद्र प्रकाश, श्वेत-रजत चुंबकीय किरणें, ग्रहणशील शांत ऊर्जा और भावनात्मक तरंगें

दिशा

दिशा और मंडल

दिशा

वायव्य दिशा (North-West)

मंडल स्थिति

सूर्य के सापेक्ष दक्षिण-पूर्व (वैदिक) / पूर्व (आगम)

देवता

अधिष्ठाता देवता

अधिष्ठाता देवता

भगवान चंद्र / सोम

Adhidevata

जल देवता (वरुण देव)

Pratyadhidevata

माता गौरी / पार्वती

मंत्र

जप मंत्र

बीज मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः

वैदिक मंत्र

ॐ इमं देवा असपत्नं सुवध्वं महते क्षत्राय महते ज्येष्ठ्याय महते जानराज्याय इन्द्रस्येन्द्रियाय। इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश एष वोऽमी राजा सोमोऽस्माकं ब्राह्मणानां राजा॥

जप संख्या 11000

रत्न

रत्न और धातु

मुख्य रत्न

प्राकृतिक मोती (मुक्ता / पर्ल)

उप रत्न

चंद्रकांत मणि (मूनस्टोन), श्वेत मूंगा

धातु

शुद्ध चांदी

अँगुली और समय

कनिष्ठिका उंगली (Little finger) में शुक्ल पक्ष के सोमवार को प्रातः या संध्या समय

शुभ प्रभाव

जब बलवान

मानसिक शांति, रचनात्मक सोच, तीव्र अंतर्ज्ञान, मातृ सुख, भावनात्मक स्थिरता और जनप्रियता।

पीड़ित प्रभाव

जब पीड़ित

मानसिक तनाव, अवसाद (डिप्रेशन), अनिद्रा, कफ एवं श्वसन विकार, चंचलता और माता के स्वास्थ्य में कष्ट।

कालिक बल

कब सबसे प्रभावी

सबसे प्रभावी समय

पूर्णिमा, रात्रि काल (चतुर्थ भाव में दिग्बल), वृषभ राशि गोचर (उच्च) और 10 वर्षीय चंद्र महादशा।

न्यूनतम प्रभावी समय

अमावस्या (क्षीण चंद्र), चंद्र ग्रहण काल, वृश्चिक राशि गोचर (नीच) और मध्याह्न का समय।