2 मंत्र

भोजन और कृतज्ञता

Mantras recited prior to eating meals to promote mindful eating, digestion, and gratitude to farmers, nature, and cooks.

खोलें और बोलें

ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हु…

ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम् । ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्मसमाधिना ॥

Brahmārpaṇaṃ Brahma Havir Brahmāgnau Brahmaṇā Hutam | Brahmaiva Tena Gantavyaṃ Brahma-Karma-Samādhinā ||

Taking a 10-second pause to recite this before eating reminds kids that food is energy for life, not just something to swallow while watching television.

खोलें और बोलें

अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे ।

अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे । ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति ॥

Annapūrṇe Sadāpūrṇe Śaṅkara-Prāṇa-Vallabhe | Jñāna-Vairāgya-Siddhy-Arthaṃ Bhikṣāṃ Dehi Ca Pārvati ||

Teaches kids not to waste food on their plate and to appreciate the hard work of parents, farmers, and nature in preparing each meal.

और विषय

📚 सीखना, ध्यान और ज्ञान🐘 बाधाएँ, साहस और आत्मविश्वास🌅 सुबह की शुरुआत और कृतज्ञता🌙 रात की शांति और निश्चिंतता🙏 गुरु और माता-पिता का सम्मान💛 सबका भला और चरित्र🤝 मिलकर काम और कक्षा में मेल☀️ ऊर्जा और सूर्य-शक्ति✨ शांत मन और स्पष्ट सोच🛡️ रक्षा, निर्भयता और मजबूती💧 स्नान और पवित्र जल🗣️ वाणी, स्मृति और बुद्धि🦁 साहस और अंतःशक्ति🏠 परिवार और माता-पिता के प्रति कृतज्ञता💚 क्षमा और मन की सफाई💪 आंतरिक बल और निर्भयता🦉 विवेक और रचनात्मकता😴 संध्या शांति और अच्छी नींद🌳 प्रकृति और जीव-जंतु🧘 श्वास, मुद्रा और केंद्रित होना🎨 कला, संगीत और कहानी😊 खुशी और सकारात्मक मन🚌 सुरक्षित यात्रा और नए कदम⭐ मेहनत और अपना सर्वश्रेष्ठ