2 मंत्र

परिवार और माता-पिता के प्रति कृतज्ञता

Mantras recited to cultivate loving relationships with parents, respect for elders, and a peaceful household.

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मातृदेवो भव । पितृदेवो भव । आचार्यदेवो भव । अतिथ…

मातृदेवो भव । पितृदेवो भव । आचार्यदेवो भव । अतिथिदेवो भव ॥

Mātṛ-Devo Bhava | Pitṛ-Devo Bhava | Ācārya-Devo Bhava | Atithi-Devo Bhava ||

Teaches kids that respecting mom, dad, teachers, and guests builds a happy, safe home and community.

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त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बन्धुश्च सखा त्…

त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव । त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥

Tvameva Mātā Ca Pitā Tvameva Tvameva Bandhuś Ca Sakhā Tvameva | Tvameva Vidyā Draviṇaṃ Tvameva Tvameva Sarvaṃ Mama Deva-Deva ||

Recited as a family before dinner or bedtime. It reminds children that love, guidance, and true companionship are always accessible within.

और विषय

📚 सीखना, ध्यान और ज्ञान🐘 बाधाएँ, साहस और आत्मविश्वास🌅 सुबह की शुरुआत और कृतज्ञता🌙 रात की शांति और निश्चिंतता🍽️ भोजन और कृतज्ञता🙏 गुरु और माता-पिता का सम्मान💛 सबका भला और चरित्र🤝 मिलकर काम और कक्षा में मेल☀️ ऊर्जा और सूर्य-शक्ति✨ शांत मन और स्पष्ट सोच🛡️ रक्षा, निर्भयता और मजबूती💧 स्नान और पवित्र जल🗣️ वाणी, स्मृति और बुद्धि🦁 साहस और अंतःशक्ति💚 क्षमा और मन की सफाई💪 आंतरिक बल और निर्भयता🦉 विवेक और रचनात्मकता😴 संध्या शांति और अच्छी नींद🌳 प्रकृति और जीव-जंतु🧘 श्वास, मुद्रा और केंद्रित होना🎨 कला, संगीत और कहानी😊 खुशी और सकारात्मक मन🚌 सुरक्षित यात्रा और नए कदम⭐ मेहनत और अपना सर्वश्रेष्ठ