कब और क्यों
पारंपरिक समय-नियम
हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों की एकादशी तिथि (11वें दिन) को मनाया जाता है।
यह नियम केवल परंपरागत आवृत्ति बताता है। स्थान-विशिष्ट तिथि के लिए विश्वसनीय पंचांग देखें।
परंपरा · समय-नियम · सुरक्षित अभ्यास
पारंपरिक उद्देश्य: आध्यात्मिक शुद्धि, भगवान विष्णु की भक्ति, मोह-माया से मुक्ति और संचित कर्मों के नाश के लिए।
हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों की एकादशी तिथि (11वें दिन) को मनाया जाता है।
यह नियम केवल परंपरागत आवृत्ति बताता है। स्थान-विशिष्ट तिथि के लिए विश्वसनीय पंचांग देखें।
व्रत की समाप्ति (पारणा) द्वादशी तिथि के निर्धारित सुबह के समय, पूजा और दान के बाद, यह सुनिश्चित करते हुए कि 24 घंटे की एकादशी तिथि के दौरान एक दाना भी नहीं खाया गया।