देव गाइड

भगवान विष्णु

विष्णु: ब्रह्मांड के पालनकर्ता — अवतार, धर्म और कोस्मिक व्यवस्था

परिचय

हिंदू त्रिमूर्ति में विष्णु पालन और संरक्षण के स्वरूप हैं। सृष्टि प्रारंभ होती है और प्रलय चक्र लौटाता है; विष्णु ऋत और धर्म के माध्यम से अस्तित्व का संतुलन बनाए रखते हैं।

भगवद्गीता (४.७-८) के अनुसार जब धर्म की हानि होती है, विष्णु अवतार रूप में प्रकट होकर व्यवस्था पुनर्स्थापित करते हैं।

मंत्र

प्रतीक एवं मूर्तिशास्त्र

मुख्य गुण

विष्णु ब्रह्मांड के सक्रिय पालक हैं—धर्म और कोस्मिक चक्रों को व्यवस्थित रखते हैं।

Bhagavad Gita (Chapter 4, Verses 7-8): 'Yada yada hi dharmasya glanir bhavati bharata...'

Incarnating across different Yugas in tailored physical forms—from aquatic life (Matsya) to human kingship (Rama)—to realign humanity with Dharma.

निष्कर्ष

विष्णु सिखाते हैं कि सच्ची शक्ति धैर्यपूर्ण संरक्षण, नैतिक शासन और धर्माचरण करने वालों की रक्षा में है।

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