गुस्सा और तुरंत प्रतिक्रिया

क्रोध से स्पष्टता

Anger to Clarity

ट्रैफ़िक, कमेंट्स, घर की चिन्गारियाँ, और जवाब से पहले का विराम।

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भगवद्गीता २.६३

क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः।
स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥

सरल अर्थ

क्रोध मन को धुँधला करता है। भ्रम से स्मृति डगमगाती है। फिर विवेक टूटता है — और हम जो चाहते हैं उसे नुकसान पहुँचाते हैं।

कब पढ़ें

बहस की गर्मी में: एक साँस से जवाब टालो।

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भगवद्गीता १६.२१

त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः।
कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत्॥

सरल अर्थ

काम, क्रोध और लोभ — तीन द्वार जो शांति बिगाड़ सकते हैं। उन्हें जल्दी पहचानना ही स्वतंत्रता की शुरुआत है।

कब पढ़ें

जब किसी भी क़ीमत पर जीतने का आग्रह लगे।

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