कब और क्यों
पारंपरिक समय-नियम
प्रत्येक चंद्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि (चौथे दिन) को मनाया जाता है।
यह नियम केवल परंपरागत आवृत्ति बताता है। स्थान-विशिष्ट तिथि के लिए विश्वसनीय पंचांग देखें।
परंपरा · समय-नियम · सुरक्षित अभ्यास
पारंपरिक उद्देश्य: गंभीर जीवन बाधाओं (संकट) को दूर करने, कर्मिक बाधाओं को साफ करने और बुद्धि प्राप्त करने के लिए भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु।
प्रत्येक चंद्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि (चौथे दिन) को मनाया जाता है।
यह नियम केवल परंपरागत आवृत्ति बताता है। स्थान-विशिष्ट तिथि के लिए विश्वसनीय पंचांग देखें।
दिन भर का उपवास पूरा करने, रात में चंद्रमा के दर्शन करने, भगवान गणेश को प्रार्थना अर्पित करने और चंद्रोदय के बाद भोजन ग्रहण करने से व्रत पूर्ण माना जाता है।