वैदिक देवता · मंत्र परंपरा

उषा

भोर की देवी, अंधकार की नाशिनी और प्रकाश की प्रगटकर्त्री

37 अनुक्रमित उल्लेख

सार

दिशा, प्रतीक और आध्यात्मिक महत्त्व

दिशा

पूर्व दिशा / प्रातःकाल

प्रतीक / आयुध

स्वर्ण रथ, लालिमायुक्त किरणें, और जागृत करती प्रातःकालीन प्रभा

महत्त्व

नई शुरुआत, आशावाद, आध्यात्मिक जागरण और जीवन के दैनिक नवीनीकरण की प्रेरणा देती हैं।

विवरण

उषा भोर की देदीप्यमान और युवा देवी हैं जो सुबह के द्वार खोलती हैं, भयानक अंधकार को भगाती हैं और समस्त जीवों को नए जीवन तथा कर्म के लिए जागृत करती हैं।

मंत्र

श्रद्धा से उच्चारण करें

ॐ उषसे नमः॥

Om Ushase Namah

भोर की तेजोमय प्रदाता देवी उषा को नमस्कार है।

वेद अनुसार

  • rigveda: 16
  • samaveda: 21

दर्शन / विषय

  • dawn_awakening
  • solar_light
  • harmony

संदर्भ ग्रंथ

नमूना मंत्र / सूक्त

rigveda 1.48 कॉर्पस पाठ rigveda 1.49 कॉर्पस पाठ rigveda 10.172 कॉर्पस पाठ rigveda 4.51 कॉर्पस पाठ rigveda 4.52 कॉर्पस पाठ rigveda 5.79 कॉर्पस पाठ rigveda 5.80 कॉर्पस पाठ rigveda 6.64 कॉर्पस पाठ rigveda 6.65 कॉर्पस पाठ rigveda 7.75 कॉर्पस पाठ rigveda 7.76 कॉर्पस पाठ rigveda 7.77 कॉर्पस पाठ rigveda 7.78 कॉर्पस पाठ rigveda 7.79 कॉर्पस पाठ rigveda 7.80 कॉर्पस पाठ rigveda 7.81 कॉर्पस पाठ samaveda 3.70 कॉर्पस पाठ samaveda 4.67 कॉर्पस पाठ samaveda 4.89 कॉर्पस पाठ samaveda 4.97 कॉर्पस पाठ samaveda 8.39 कॉर्पस पाठ samaveda 8.40 कॉर्पस पाठ samaveda 25.15 कॉर्पस पाठ samaveda 25.16 कॉर्पस पाठ samaveda 25.17 कॉर्पस पाठ samaveda 25.18 कॉर्पस पाठ samaveda 25.19 कॉर्पस पाठ samaveda 25.20 कॉर्पस पाठ samaveda 25.24 कॉर्पस पाठ samaveda 25.25 कॉर्पस पाठ samaveda 25.26 कॉर्पस पाठ samaveda 25.30 कॉर्पस पाठ samaveda 25.31 कॉर्पस पाठ samaveda 25.32 कॉर्पस पाठ samaveda 25.33 कॉर्पस पाठ samaveda 25.34 कॉर्पस पाठ samaveda 25.35 कॉर्पस पाठ