दिशा
पूर्व दिशा / प्रातःकाल
वैदिक देवता · मंत्र परंपरा
भोर की देवी, अंधकार की नाशिनी और प्रकाश की प्रगटकर्त्री
दिशा, प्रतीक और आध्यात्मिक महत्त्व
दिशा
पूर्व दिशा / प्रातःकाल
प्रतीक / आयुध
स्वर्ण रथ, लालिमायुक्त किरणें, और जागृत करती प्रातःकालीन प्रभा
महत्त्व
नई शुरुआत, आशावाद, आध्यात्मिक जागरण और जीवन के दैनिक नवीनीकरण की प्रेरणा देती हैं।
उषा भोर की देदीप्यमान और युवा देवी हैं जो सुबह के द्वार खोलती हैं, भयानक अंधकार को भगाती हैं और समस्त जीवों को नए जीवन तथा कर्म के लिए जागृत करती हैं।
श्रद्धा से उच्चारण करें
ॐ उषसे नमः॥
Om Ushase Namah
भोर की तेजोमय प्रदाता देवी उषा को नमस्कार है।