वैदिक देवता · मंत्र परंपरा

सूर्य

सौर देवता, जीवन, प्रकाश, ओज और ब्रह्मांडीय चेतना के स्रोत

33 अनुक्रमित उल्लेख

सार

दिशा, प्रतीक और आध्यात्मिक महत्त्व

दिशा

मध्य आकाश / पूर्व

प्रतीक / आयुध

सात घोड़ों का रथ, कमल के फूल और देदीप्यमान स्वर्ण प्रभा

महत्त्व

दैनिक प्रार्थनाओं (संध्यावंदन), स्वास्थ्य, ओज और बुद्धि की स्पष्टता के लिए अत्यंत केंद्रीय।

विवरण

सूर्य देवताओं के प्रत्यक्ष दृश्य स्वरूप हैं, जो समस्त जीवों को प्रकाश और ऊष्मा से पोषित करते हैं। वे समय के ब्रह्मांडीय चक्र का संचालन करते हैं और आध्यात्मिक तथा भौतिक अंधकार को दूर करते हैं।

मंत्र

श्रद्धा से उच्चारण करें

ॐ सूर्याय नमः॥

Om Suryaya Namah

समस्त जीवन के देदीप्यमान स्रोत भगवान सूर्य को नमस्कार है।

वेद अनुसार

  • atharvaveda: 1
  • rigveda: 7
  • samaveda: 24
  • yajurveda: 1

दर्शन / विषय

  • solar_light
  • wisdom
  • cosmic_order

संदर्भ ग्रंथ

नमूना मंत्र / सूक्त