वैदिक देवता · मंत्र परंपरा

इन्द्र

देवराज, स्वर्ग के स्वामी, वज्र और वर्षा के देवता

905 अनुक्रमित उल्लेख

सार

दिशा, प्रतीक और आध्यात्मिक महत्त्व

दिशा

पूर्व दिशा

प्रतीक / आयुध

वज्र, ऐरावत (सफेद हाथी वाहन), और इंद्रधनुष

महत्त्व

कृषि की उर्वरता, जीवनदायिन वर्षा और आंतरिक-बाह्य बाधाओं पर विजय पाने के लिए आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं।

विवरण

इन्द्र वैदिक देवताओं के सर्वोच्च नेता हैं, जो मौसम, गर्जना और अराजक शक्तियों के विरुद्ध ब्रह्मांडीय व्यवस्था का नियंत्रण करते हैं। वे नेतृत्व, ओज और दिव्य सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

मंत्र

श्रद्धा से उच्चारण करें

ॐ इंद्राय नमः॥

Om Indraya Namah

ब्रह्मांडीय शक्ति के स्वामी देवराज इंद्र को नमस्कार है।

वेद अनुसार

  • atharvaveda: 1
  • rigveda: 234
  • samaveda: 666
  • yajurveda: 4

दर्शन / विषय

  • royal_power
  • storm_force
  • prosperity

संदर्भ ग्रंथ

नमूना मंत्र / सूक्त

rigveda 1.10 कॉर्पस पाठ rigveda 1.100 कॉर्पस पाठ rigveda 1.101 कॉर्पस पाठ rigveda 1.102 कॉर्पस पाठ rigveda 1.103 कॉर्पस पाठ rigveda 1.104 कॉर्पस पाठ rigveda 1.11 कॉर्पस पाठ rigveda 1.121 कॉर्पस पाठ rigveda 1.129 कॉर्पस पाठ rigveda 1.130 कॉर्पस पाठ rigveda 1.131 कॉर्पस पाठ rigveda 1.133 कॉर्पस पाठ rigveda 1.16 कॉर्पस पाठ rigveda 1.169 कॉर्पस पाठ rigveda 1.173 कॉर्पस पाठ rigveda 1.174 कॉर्पस पाठ rigveda 1.175 कॉर्पस पाठ rigveda 1.176 कॉर्पस पाठ rigveda 1.177 कॉर्पस पाठ rigveda 1.178 कॉर्पस पाठ rigveda 1.29 कॉर्पस पाठ rigveda 1.32 कॉर्पस पाठ rigveda 1.33 कॉर्पस पाठ rigveda 1.4 कॉर्पस पाठ rigveda 1.5 कॉर्पस पाठ rigveda 1.51 कॉर्पस पाठ rigveda 1.52 कॉर्पस पाठ rigveda 1.53 कॉर्पस पाठ rigveda 1.54 कॉर्पस पाठ rigveda 1.55 कॉर्पस पाठ rigveda 1.56 कॉर्पस पाठ rigveda 1.57 कॉर्पस पाठ rigveda 1.61 कॉर्पस पाठ rigveda 1.62 कॉर्पस पाठ rigveda 1.63 कॉर्पस पाठ rigveda 1.7 कॉर्पस पाठ rigveda 1.8 कॉर्पस पाठ rigveda 1.80 कॉर्पस पाठ rigveda 1.81 कॉर्पस पाठ rigveda 1.82 कॉर्पस पाठ