वैदिक देवता · मंत्र परंपरा

अपाम् नपात्

जल के दिव्य पुत्र, नदियों और जल स्रोतों में छिपी तैजस अग्नि

1 अनुक्रमित उल्लेख

सार

दिशा, प्रतीक और आध्यात्मिक महत्त्व

दिशा

जल स्रोत / भूमिगत धाराएं

प्रतीक / आयुध

जलमग्न स्वर्ण ज्वाला, तेज नदी धाराएं, और जलीय आभा

महत्त्व

जल और अग्नि ऊर्जा के मिलन, छिपी हुई ऊर्जा और जलीय सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

विवरण

अपाम् नपात् एक आकर्षक वैदिक देवता हैं जो जल के भीतर सुलगती अग्नि या ऊर्जा (बादलों में बिजली या नदियों के नीचे गर्म पानी के झरने) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो विरोधी तत्वों के सामंजस्य का प्रतीक है।

मंत्र

श्रद्धा से उच्चारण करें

ॐ अपाम् नपाते नमः॥

Om Apam Napate Namah

जल के भीतर छिपी तेजोमय दिव्य अग्नि 'अपाम् नपात्' को नमस्कार है।

वेद अनुसार

  • rigveda: 1

दर्शन / विषय

  • agni_kindling
  • invocation
  • solar_light

संदर्भ ग्रंथ

नमूना मंत्र / सूक्त