दिन 6
Shashthi (Sixth Day)
षष्ठी तिथि पारंपरिक रूप से स्थिरता, सुरक्षा और पोषण देने वाली ऊर्जा से जुड़ी है। इस दिन श्राद्ध करने से मानसिक शांति मिलती है और उन आत्माओं को आध्यात्मिक पोषण मिलता है जिन्होंने अपने अंतिम दिनों में शारीरिक कष्ट झेले थे।
विशेष स्मरण
विशेष रूप से उन परिवारजनों के लिए स्मरण किया जाता है जो अपने निधन से पूर्व लंबी बीमारी या शारीरिक संकट से गुजरे थे।
मंत्र
ॐ शान्ताय पितृभ्यो नमः॥
Om Shantaya Pitribhyo Namah
शांत और संयमित पितृ आत्माओं को नमस्कार है।
घर पर तर्पण विधि
- दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक शांत स्थान को स्वच्छ करें और हल्के रंग के साफ वस्त्र पहनें।
- मंत्र का जाप करते हुए पानी, कच्चे दूध, चावल और तिल से तर्पण करें।
- भोजन करने से पहले भोजन का पहला अंश गाय, कौवे और कुत्ते को दें।
इस खंड का परिचय
Shashthi to Dashami Tithis
नमस्ते। जैसे-जैसे हम पितृ पक्ष की इस यात्रा में आगे बढ़ रहे हैं, इन मध्यवर्ती दिनों को अपने पूर्वजों के साथ एक अत्यंत व्यक्तिगत संवाद के रूप में देखिए। जिस प्रकार परिवार के हर सदस्य का आपके दिल में एक विशिष्ट स्थान होता है, वैसे ही हमारी प्राचीन परंपराएं हर आत्मा को याद रखने के लिए विशिष्ट तिथियां निर्धारित करती हैं।