दिन एवं देवता
परिचय
बुधवार का दिन बुद्धि, ज्ञान और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को समर्पित है। इस दिन गणेश जी को दूर्वा (घास) चढ़ाने से बुद्धि, व्यापार और कार्यों में सफलता मिलती है।
गणेश पूजा सामग्री
- गणेश जी की मूर्ति या चित्र
- 21 दूर्वा (दूब घास) की गांठ
- लाल चंदन या सिंदूर
- मोदक, बेसन का लड्डू या गुड़
- घी का दीपक और अगरबत्ती
पूजा विधि — चरणबद्ध
चरण 1
दीप प्रज्वलन एवं तिलक
शास्त्रानुसार: पूजा स्थल साफ कर घी का दीपक जलाएं। श्री गणेश के मस्तक पर लाल चंदन या सिंदूर का गोल तिलक लगाएं।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
चरण 2
दूर्वा अर्पण
21 दूर्वा (घास) को जोड़कर गणेश जी के चरणों या मस्तक पर अर्पित करें।
ॐ गं गणपतये नमःॐ एकदंताय नमः दूर्वाङ्कुरान् समर्पयामि
चरण 3
मोदक/लड्डू भोग एवं आरती
मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। गणेश गायत्री का जाप करें और आरती करें।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥