ज़रा सोचो, अगर आपके घर में कोई ऐसा राजा हो जो कहे कि सब लोग सिर्फ उसी की पूजा करें, अच्छाई की नहीं! छोटे प्रह्लाद ने डर के आगे झुकने से साफ मना कर दिया। चाहे कितनी भी डरावनी मुश्किलें आईं, उन्होंने कभी सच का साथ नहीं छोड़ा। अंत में, उनकी बहादुरी रंग लाई और ब्रह्मांडीय शक्ति ने आकर अन्याय का अंत किया और प्रह्लाद की रक्षा की।