एक चरवाहा लड़का जंगल में भेड़ें चरा रहा था। बोरियत मिटाने के लिए उसने मजाक में चिल्लाया, 'बचाओ! चीता आ गया!' गांव वाले दौड़कर आए, तो लड़का हंसने लगा और बोला, 'मैं तो मजाक कर रहा था।' उसने दोबारा यही झूठ बोला। कुछ दिनों बाद सचमुच एक चीता आ गया। लड़के ने मदद के लिए चीख लगाई, लेकिन इस बार कोई भी गांव वाला उसकी मदद को नहीं आया क्योंकि वे उसका झूठ समझ बैठे थे। विश्वास टूटने पर कोई मदद नहीं करता।