नदी के किनारे एक मीठे जामुन के पेड़ पर एक चतुर बंदर रहता था और एक मगरमच्छ से उसकी दोस्ती हो गई थी। लेकिन मगरमच्छ की पत्नी लालची थी और वह बंदर का दिल खाना चाहती थी! नदी के बीच में जाकर मगरमच्छ ने अपना राज खोल दिया। क्या बंदर घबराया? बिल्कुल नहीं! उसने अपना दिमाग ठंडा रखा और हंसकर बोला, 'अरे दोस्त, मेरा दिल तो पेड़ पर ही टंग गया है! चलो, वापस चलकर ले आते हैं।' और जैसे ही वे किनारे पहुँचे, बंदर फुर्ती से पेड़ पर चढ़ गया!