छोटे राजकुमार ध्रुव को बहुत बुरा लगा जब उन्हें उनके पिता की गोद में बैठने से रोक दिया गया। उनकी माँ ने उन्हें समझाया कि केवल सच्ची मेहनत और भगवान की कृपा ही उन्हें जीवन में सबसे ऊंचा स्थान दिला सकती है। क्या ध्रुव रोते रहे? बिल्कुल नहीं! उन्होंने गहरे और शांत जंगल में जाकर पूरी लगन और फोकस के साथ साधना की। उनकी इस कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प को देखकर भगवान ने उन्हें हमेशा के लिए आसमान का ध्रुव तारा बना दिया, जो आज भी सबको रास्ता दिखाता है!