एक भूखा सियार जंगल में घूम रहा था कि अचानक जोर से आवाज़ गूंजी—*धड़म! धड़म!* डर के मारे सियार कांप उठा और सोचने लगा कि कोई बहुत बड़ा राक्षस आसपास है। वह भागने ही वाला था, लेकिन उसने सोचा, 'भागने से पहले मुझे देखना चाहिए कि यह आवाज़ आ कहां से रही है?' वह धीरे-धीरे झाड़ियों के पीछे गया। उसने देखा कि वहां कोई राक्षस नहीं, बल्कि एक पुराना ढोल रखा है जिस पर हवा चलने से पेड़ की टहनियां टकरा रही थीं। सियार हंस पड़ा और समझ गया कि डर का सामना करने पर उसका भ्रम दूर हो गया।