छह समझदार लोग जिन्होंने कभी हाथी नहीं देखा था, एक हाथी के पास पहुंचे। पहले ने उसका पैर छुआ और कहा, 'हाथी किसी खंभे जैसा है!' दूसरे ने सूंड पकड़ी और कहा, 'यह तो पानी के पाइप जैसी है!' तीसरे ने कान छुआ और कहा, 'यह बड़े पंखे जैसी है!' सब आपस में बहस करने लगे कि किसकी बात सही है। तभी एक राहगीर ने आकर मुस्कुराते हुए समझाया, 'तुम सब अपनी जगह सही हो, क्योंकि तुम हाथी का अलग-अलग हिस्सा छू रहे हो। पूरी सच्चाई को जानने के लिए तुम्हें सबकी बात सुननी पड़ेगी और मिलकर सोचना होगा।'