बहुत समय पहले, कुछ दुष्ट राक्षस समुद्र की गहराई में छिप गए थे और पानी की आड़ लेकर दुनिया को परेशान कर रहे थे। देवता ऋषि अगस्त्य के पास मदद मांगने गए। ऋषि अगस्त्य शरीर से बहुत छोटे थे, लेकिन उनके पास गजब की मानसिक शक्ति और अनुशासन था। वे समंदर के किनारे गए, एक गहरी सांस ली और हैरानी की बात यह है कि उन्होंने अपनी योग शक्ति से सारा समुद्र एक ही बार में पी लिया! छिपे हुए राक्षस सामने आ गए। इससे साबित हुआ कि असली ताकत शरीर के आकार में नहीं, बल्कि मन के फोकस और अनुशासन में होती है।