वृंदावन के लोग बहुत डर गए थे क्योंकि बारिश के देवता इंद्र द्वारा भेजा गया एक भयंकर तूफान उनके घरों को डुबो रहा था। ऐसे में छोटे कृष्ण एक सच्चे लीडर बनकर आगे आए। डरने के बजाय, उन्होंने सबको प्रकृति का सम्मान करना सिखाया। और फिर, एक प्यारी सी मुस्कान के साथ, उन्होंने अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत को उठा लिया! सभी लोग उसके नीचे सुरक्षित आ गए, जैसे माँ के पंखों के नीचे छोटे बच्चे।