Gods & Deities

गणेश जी और कुबेर का अहंकार

पात्र: Lord Ganesha, Kubera

धनी राजा कुबेर ने अपनी अमीरी दिखाने के लिए सभी देवताओं को एक बहुत बड़ा भोज दिया। उन्होंने विशेष रूप से बाल गणेश को बुलाया ताकि वे उनका वैभव देख सकें। गणेश जी आए और खाने बैठे। लेकिन हैरानी की बात यह थी कि जितना खाना शाही रसोइये बनाते, गणेश जी पल भर में चैट कर जाते और कहते, 'मुझे अभी भी भूख लगी है!' देखते-देखते महल का सारा खाना खत्म हो गया! घबराए हुए कुबेर भगवान शिव के पास गए। शिव जी ने मुस्कुराकर गणेश जी को प्रेम से थोड़े से भुने हुए चावल दिए। जैसे ही गणेश जी ने प्यार से वह खाया, उनकी भूख शांत हो गई। कुबेर समझ गए कि पैसे और सोने से अहंकार बढ़ता है, लेकिन संतुष्टि और विनम्रता सबसे बड़ी चीज़ है।

इस कथा के मूल्य

  • Humility
  • Overcoming Pride and Ego