Epics (Mahabharata / Ramayana crossover)

भीम का घमंड और हनुमान जी से भेंट

पात्र: Bheema, Hanuman

पांडव राजकुमार भीम अपनी विशाल ताकत के घमंड में जंगल से गुजर रहे थे। रास्ते में एक बूढ़ा और कमजोर दिखने वाला बंदर अपनी पूंछ फैलाकर रास्ते में लेटा था। भीम ने कहा, 'अरे बंदर, अपनी पूंछ रास्ते से हटाओ!' बंदर ने कहा, 'मैं बूढ़ा हूँ, तुम खुद ही मेरी पूंछ हटा लो।' भीम ने एक हाथ से पूंछ उठानी चाही, पर वह टस से मस नहीं हुई। भीम ने दोनों हाथों से जोर लगाया, पसीना छूट गया, लेकिन पूंछ लोहे के खंभे जैसी जमी रही। भीम समझ गए कि यह कोई साधारण प्राणी नहीं हैं। वह बूढ़ा बंदर कोई और नहीं, बल्कि हनुमान जी थे, जिन्होंने भीम का अहंकार तोड़ा।

इस कथा के मूल्य

  • Humility
  • Continuous Learning
  • Respect for Elders