महाभारत के युद्ध में कौरवों ने एक बहुत जटिल और घूमती हुई सैन्य रचना 'चक्रव्यूह' बनाई। पांडवों की सेना में बहुत कम लोग इसे तोड़ना जानते थे। तब अर्जुन के युवा बेटे अभिमन्यु ने आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। अभिमन्यु ने जब गर्भ में यह विद्या आधी ही सुनी थी कि बाहर कैसे आते हैं, तब वे सो गए थे। इसलिए उन्हें अंदर जाना तो आता था, पर बाहर निकलने का रास्ता नहीं पता था। फिर भी, अभिमन्यु बिना डरे चक्रव्यूह के अंदर घुस गए और अपनी अद्भुत वीरता से बड़े-बड़े महारथियों को टक्कर दी। भले ही वे अंत में घिर गए, लेकिन उनकी बहादुरी ने इतिहास में अमर हो गई।