देव गाइड

भगवान नृसिंह

नृसिंह: भक्ति की रक्षा और अधर्म का अंत

परिचय

नृसिंह विष्णु का सिंह-पुरुष अवतार हैं—जो भक्त प्रह्लाद की रक्षा और हिरण्यकशिपु के अहंकार का नाश करते हैं।

ईश्वर किसी भी रूप में प्रकट हो सकते हैं जब भक्ति संकट में हो और अधर्म चरम पर हो।

मंत्र

प्रतीक एवं मूर्तिशास्त्र

मुख्य गुण

प्रह्लाद की रक्षा में नृसिंह भक्तवत्सलता का चरम रूप हैं।

Shrimad Bhagavata Purana (Canto 7, Chapters 8-10)

Slays Hiranyakashipu—who had boons preventing his death by man or beast, inside or outside, day or night, with weapons or hands—by appearing as a lion-man at twilight, on a doorway threshold, using his bare claws.

निष्कर्ष

नृसिंह याद दिलाते हैं कि सच्ची शरण भक्ति में है; ईश्वर समय, स्थान और रूप की सीमा से परे रक्षा करते हैं।

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