बेचैनी और रात की चिंता

कोमल निद्रा

Sleep, Softly

जब शरीर को आराम चाहिए, पर मन दिन को दोहराता रहे।

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शांति पाठ (पारंपरिक)

ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः
पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः।

सरल अर्थ

आकाश में शांति, अंतरिक्ष में शांति, पृथ्वी पर शांति, जल में शांति, वनस्पतियों में शांति — शांति तुम्हें घेरे।

कब पढ़ें

लाइट बंद कर: धीरे-धीरे, एक पंक्ति एक बार।

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भगवद्गीता ६.७

जितात्मनः प्रशान्तस्य परमात्मा समाहितः।
शीतोष्णसुखदुःखेषु तथा मानापमानयोः॥

सरल अर्थ

जब स्वयं शांत हो, गहरी शांति ठहर सकती है — गर्मी-ठंड, मान-अपमान में भी।

कब पढ़ें

थके दिन के बाद, सोने से पहले: “आज रात इसे रख सकता/सकती हूँ।”

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