पावन कथा

करवा चौथ व्रत कथा

पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखे जाने वाले निर्जला व्रत की पावन कथा।

संबद्ध देव-देवी

अध्याय 1

पार्वती का प्रश्न और करवा व्रत

माँ पार्वती ने शिव से पूछा—पत्नी पति की दीर्घायु और गृह शांति हेतु कैसे प्रार्थना करे। शिव ने करवा चौथ व्रत बताया—कार्तिक कृष्ण चतुर्थी पर गणेश आशीष से, सूर्योदय से निर्जला व्रत, और सायंकाल चंद्र दर्शन जो व्रत को प्रकाश में पूर्ण करता है।

पठन संदर्भ

कथा, पाठांतर और अभ्यास

यह सार्वजनिक गाइड एक संक्षिप्त भक्तिपूर्ण पुनर्कथन है। विभिन्न पुराणों, रामायण परंपराओं, क्षेत्रों और संप्रदायों में प्रसंग व विवरण अलग हो सकते हैं।

  • पहले कथा पढ़ें, फिर नीचे दिए कथा-पाठ पर विचार करें।
  • व्रत या विधिवत पाठ के लिए अपने परिवार या परंपरा के स्वीकृत संस्करण का प्रयोग करें।
  • संबद्ध देवता गाइड से प्रतीक और उपासना संदर्भ समझें।

कथा-पाठ

चंद्रोदय तक धैर्य—प्रेम को अनुशासित आशा सिखाता है।

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