Mantra 1
ये त्रिषप्ताः परियन्ति विश्वा रूपाणि बिभ्रतः । वाचस्पतिर्बला तेषां तन्वो अद्य दधातु मे ॥
Ye triṣaptāḥ pariyanti viśvā rūpāṇi bibhrataḥ. Vācaspatirbalā teṣāṁ tanvo adya dadhātu me.
Mantra 1: The Magic of Clear and Kind Speech
Golden Voice of Kindness 🎙️
हे वाणी के अधिपति! हमारी बोली में सच्चाई, ज्ञान और मिठास भर दीजिए ताकि हम हमेशा अच्छी बातें सीखें और बोलें।
याद रखें और अपनाएँ
Kind words make friends and heal hurt feelings; speaking truth gives you great strength.
वाणी के अधिपति परमात्मा से संपूर्ण सृष्टि के २१ तत्वों (ज्ञानेन्द्रिय, कर्मेन्द्रिय, तन्मात्रा आदि) के सामंजस्य और आत्मबल की प्रार्थना।
वेदाध्ययन आरंभ, उपनयन एवं मेधा-जनन संस्कार में वाणी के संस्कार और धारणा-शक्ति की वृद्धि हेतु जप किया जाता है।